छत्तीसगढ़

आयुष्मान कार्ड योजना निजी अस्पतालों की मनमानी का शिकार है – कविता योगेश बाबर

धमतरी (प्रखर) जिला पंचायत धमतरी की सामान्य सभा की बैठक का आयोजन कल आयोजित हुआ पिछले तीन बार बैठक स्थगित होने के बाद कल सामान्य सभा की बैठक आयोजित हुई जिसमें जिला पंचायत सदस्य कविता योगेश बाबर ने अपनी बातों को प्रमुखता से रखा सर्व प्रथम उन्होंने सर्वप्रथम विभाग प्रमुखों की अनुपस्थिति को लेकर नाराज़गी व्यक्त की क्योंकी देखा जाता है कि  सामान्य सभा की बैठकों में जिन विभागों की समीक्षा की जानी होती है उन विभागों के प्रमुख अधिकारी कोई न कोई बहाना कर बैठक से बचना चाहते हैं कल की बैठक में कुछ विभाग के प्रमुख उपस्थित थे बाक़ी विभागों के अधिकारियों ने अपने प्रतिनिधि भेजे हुए थे श्रीमति बाबर ने कहा कि ऐसे में किसी भी विभाग के कार्यों की समीक्षा कर पाना संभव नहीं होता है कल की बैठक के मुख्य बिंदुओं में से आयुष्मान कार्ड की समस्या को प्रमुखता से उठाया आयुष्मान कार्ड योजना के अंतर्गत बहुत सारे बदलाव हुए हैं जिसकी जानकारी प्रचार प्रसार के अभाव में आम जनमानस को नहीं है पूर्व में जिन बीमारियों में यह कार्ड लागू होते थे निजी अस्पतालों में बताया जा रहा है कि इनमें बहुत से बदलाव हुए हैं और मरीज़ों को दिग्भ्रमित किया जा रहा है मरीज़ जब अस्पताल पहुँचते हैं और  इलाज कराते हैं उनको कहा जाता है कि आपकी इस बीमारी में आयुष्मान कार्ड लागू नहीं होगा जानकारी के अभाव में जनता को अपनी जेब से पैसा जमा कर इलाज कराना पड़ रहा है और निजी अस्पताल वाले अपनी मनमानी कर शासन कि इस महत्वाकांक्षी योजना को ठेंगा दिखा रहे हैं आम जनमानस में इसके प्रति आक्रोश है इसी प्रकार श्रीमति बाबर ने समितियों के माध्यम से किसानों को उपलब्ध होने वाले ख़ाद के सम्बन्ध में अपनी बात प्रमुखता से रखी और कहा कि आज DAP खाद की समस्या क्षेत्र में विकराल रूप धारण कर चुकी है किसानों को उनकी खेती के निश्चित समय में खाद उपलब्ध नहीं हो पा रहा है थोड़ी बोहोत मात्रा में यदि खाद आती भी है तो समस्त किसानों को वह उपलब्ध नहीं हो पाता और इसके कारण खुले बाज़ार में DAP खाद उपलब्ध है लेकिन उसकी क़ीमत और उसके साथ अनावश्यक रूप से लदान के रूप में अन्य वस्तुयें दुकानदारों द्वारा दी जा रही है जो कि ये किसानों के लिए अनुपयोगी हैं इसका सीधा असर किसानी की लागत पर पड़ रहा है और किसान अपने आपको ठगा हुआ महसूस कर रहा है डबल इंजन की सरकार किसानों के साथ अन्याय कर रही है इसके साथ ही साथ महिला बाल विकास की समीक्षा में श्रीमति बाबर ने  शासन की महत्वाकांक्षी इंस्पायर योजना उसके बारे में प्रचार प्रसार के अभाव के कारण ज़रूरत मंद लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है इस पर भी अपनी नाराज़गी व्यक्त की इस परियोजना के तहत किसी परिवार में माता या पिता की मृत्यु होने पर उनके बच्चों के लालन पालन हेतु आवेदन करने पर 4 हज़ार रुपया मासिक की राशि मिलती है लेकिन विभाग द्वारा जनता तक बात न पहुँचाने की वजह से बहुत से लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है इस दिशा में भी विभाग को निर्देशित किया कि इस योजना का अब प्रचार प्रसार कर के जनता तक बात पहुँचाइए और जिससे की जनता अधिक से अधिक इस योजना का लाभ ले सकें सभा में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार योजना के संबंध में भी चर्चा हुई श्रीमती बाबर ने कहा कि कांग्रेस सरकार कि यह महत्वाकांक्षी योजना पूरे देश में लागू की गई थी इसका उद्देश्य लोगों को अपने निवास क्षेत्र के अंतर्गत कार्य उपलब्ध कराना और उनका जीवन स्तर में सुधार लाना था जिससे कि लोगों का पलायन रुक सके लेकिन विगत कुछ वर्षों से इस योजना को बंद करने की दिशा में केंद्र और राज्य सरकार द्वारा प्रयास किया जा रहा है मानव दिवस की संख्या घटा दी गई है ग्रामीण क्षेत्रों में गर्मी के दिनों में भी पिछले 2 वर्षों में कहीं कोई रोज़गार नहीं दिया गया है सिर्फ़ प्रधानमंत्री आवास योजना में ही मज़दूरी का उपयोग सीमित मात्रा में किया गया है और उसकी भी राशि विगत डेढ़ वर्ष हो गए मज़दूरों के खाते में अभी तक राशि नहीं आयी है जिससे की आवास योजना पर भी इसका बुरा असर पड़ रहा है कुल मिलाकर बात यही उभर कर सामने आ रही है कि आज शासन के पास जनता के लिए न रोज़गार की कोई व्यवस्था है न खाद की व्यवस्था है बिजली बिल में मनमाने वृद्धि कर बिजली हाफ़ योजना जोकि कांग्रेस सरकार ने शुरू की थी को भी बंद किया जा रहा है जिसका भार सीधे सीधे उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है और जनमानस अपने आपको ठगा हुआ महसूस कर रहा है

Author Desk

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button