वैश्विक चुनौतियों के बीच विकसित भारत के संकल्प के साथ केंद्रीय बजट

वित्त मंत्री का संबोधन खत्म होने के बाद लोकसभा की कार्यवाही स्थगित
नई दिल्ली। वित्त मंत्री ने लोकसभा में अपना रिकॉर्ड 9वां बजट 2026 पेश करते हुए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की। अपने भाषण में उन्होंने उच्च शिक्षा क्षेत्र में निवेश बढ़ाने के लिए कई कदमों का प्रस्ताव रखा, जिसमें नए संस्थान स्थापित करना, यूनिवर्सिटी टाउनशिप विकसित करना, गर्ल्स हॉस्टल बनाना और टेलीस्कोप इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि देश के हर जिले में एक गर्ल्स हॉस्टल बनाया जाएगा। इसके अलावा, कृषि संसाधनों तक पहुंच के लिए उन्होंने ‘भारत विस्तार’ नाम से एक वर्चुअली इंटीग्रेटेड सिस्टम लॉन्च करने का ऐलान किया, जो एक मल्टीलिंगुअल एआई टूल होगा। यह टूल एग्री-स्टैक पोर्टल्स और आईसीएआर के कृषि प्रैक्टिस पैकेज को एआई सिस्टम के साथ जोड़ेगा, ताकि किसानों को आसानी से जानकारी मिल सके।
निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण की शुरुआत करते हुए कहा, ‘माघ पूर्णिमा और गुरु रविदास की जयंती के अवसर पर मैं यह बजट पेश कर रही हूं। बीते 12 साल के दौरान अनिश्चितताओं के बावजूद हमने स्थिर अर्थव्यवस्था को बनाए रखा है। हमने दूरगामी ढांचागत सुधार किए हैं। आत्मनिर्भरता को प्रमुख उद्देश्य बनाए रखा है। आयात पर निर्भरता को घटाया है। हमने सुनिश्चित किया है कि नागरिकों को इसका लाभ मिले, कृषि उत्पादकता बढ़े और परिवारों की क्रय शक्ति बढ़े। इन उपायों की वजहों से सात फीसदी की विकास दर हासिल हुई है। इससे गरीबी उन्मूलन और लोगों के जीवन में सुधार हासिल हो सका है।
वित्त मंत्री ने बताए सरकार के तीन कर्तव्य
वित्त मंत्री ने अपने भाषण में कहा कि- पीएम मोदी के नवोन्मेषी विचार विशेष युवा शक्ति संचालित बजट का आधार बना है। सरकार का संकल्प गरीब, शोषित और वंचितों पर ध्यान देना है। कर्तव्य भवन में तैयार होने वाला यह पहला बजट है।
हमारा पहला कर्तव्य आर्थिक विकास को तेज और सतत बनाए रखना है।
हमारा दूसरा कर्तव्य अपने लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना और क्षमताओं का निर्माण विकसित करना है।
हमारा तीसरा कर्तव्य- सबका साथ, सबका विकास के दृष्टिकोण के अनुरूप विकास है।
युवा शक्ति से प्रेरित बजट : वित्त मंत्री
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा- सरकार ‘विकसित भारत’ की दिशा में मजबूत कदम उठाना जारी रखेगा। भारत वैश्विक बाजार के साथ गहनता से जुड़ा रहेगा। मैं पार्ट-ए की शुरुआत करते हुए इस देश के नागरिकों का आभार प्रकट करना चाहूंगा, जिन्होंने इस देश को दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनाया है। हमने सुनिश्चित किया है कि किसानों, अनुसूचित जाति-जनजाति के लोगों, युवाओं, महिलाओं, गरीबों को लाभ मिलता रहे। यह युवा शक्ति से प्रेरित बजट है। हमारी सरकार का संकल्प गरीब, हाशिए पर पड़े लोगों पर ध्यान देना है।
आर्थिक विकास में तेजी लाने के लिए प्रस्ताव
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि आर्थिक विकास में तेजी लाने के लिए छह क्षेत्रों में पहलों का प्रस्ताव है। आर्थिक विकास में तेजी लाने के लिए सात क्षेत्रों में पहल शुरू करने का प्रस्ताव। रणनीतिक और अग्रणी क्षेत्रों में विनिर्माण को तेज करना। विरासत के औद्योगिक क्षेत्रों का कायाकल्प करना। चैंपियन एमएसएमई का निर्माण करना। अवसंरचना को सशक्त प्रोत्साहन प्रदान करना। दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा और स्थायित्व सुनिश्चित करना। शहरों में आर्थिक क्षेत्र विकसित करना।
राज्यों को केंद्र के टैक्स में मिलता रहेगा 41 प्रतिशत हिस्सा
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार ने 16वें वित्त आयोग की उन सिफारिशों को स्वीकार कर लिया है, जिसमें राज्यों को दिए जाने वाले केंद्रीय करों की हिस्सेदारी को 41 प्रतिशत पर बनाए रखने की बात कही गई है। मैंने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्यों के वास्ते 1.4 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।
स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में बताया कि स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के लिए क्या घोषणाएं की गई। इसमें-
शिक्षा से रोजगार और उद्यम पर फोकस किया जाएगा। विकसित भारत का कोर ड्राइवर सेवा क्षेत्र रहेगा। इसके लिए एक उच्च स्तरीय समिति बनाई जाएगी, जो एआई समेत प्रौद्योगिकियों से पडऩे वाले असर का आकलन करेगी।
दक्षता आधारित रोजगार पर ध्यान दिया जाएगा। स्वास्थ्य पेशेवर बनाने वाले संस्थानों को अपग्रेड किया जाएगा। रेडियोलॉजी, एनेस्थीशिया जैसे क्षेत्रों पर ध्यान दिया जाएगा। अगले पांच वर्ष में एक लाख एएचपी जोड़े जाएंगे। 1.5 लाख केयर गिवर्स को प्रशिक्षित किया जाएगा।
मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए पांच क्षेत्रीय मेडिकल हब बनाए जाएंगे। इसमें निजी क्षेत्र की सहभागिता रहेगी। हेल्थकेयर कॉम्प्लेक्स बनेंगे। इनमें आयुष केंद्र होंगे। डायग्नोस्टिक, पोस्टर केयर और रीहैब के केंद्र रहेंगे। इससे स्वास्थ्य पेशेवरों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
दुनियाभर में सम्मान हासिल कर चुकी प्राचीन योग पद्धति और आयुर्वेद पर जोर दिया जाएगा। तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेदिक संस्थान बनाए जाएंगे।
ऑरेंज इकोनॉमी: गेमिंग, कॉमिक जैसे सेक्टर में 2030 तक 20 लाख पेशेवरों की जरूरत है। एवीजीसी कंटेंट क्रिएटर लैब स्थापित होंगी। पूर्वी भारत में नए राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान की स्थापना होगी।
शिक्षा: पांच विश्वविद्यालय टाउनशिप की बड़े औद्योगिक और लॉजिस्टिक गलियारों के पास स्थापना होगी। हर जिले में एक महिला छात्रावास बनेगा।
पर्यटन और खेल
वित्त मंत्री ने अपने भाषण में बताया कि बजट में पर्यटन, वर्ल्ड ट्रैकिंग एंड हाइकिंग और खेल के लिए क्या-क्या योजनाएं हैं। इसके तहत-
पर्यटन: नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी की स्थापना होगी। 20 प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों पर 10 हजार गाइड्स के कौशल बढ़ाने की योजना शुरू होगी। नेशनल डेस्टिनेशन डिजिटल नॉलेज ग्रिड स्थापित होगी।
वर्ल्ड ट्रैकिंग एंड हाइकिंग: हिमाचल, उत्तराखंड और जम्मू कश्मीर, अराक्कू घाटी में माउंटेन ट्रेल्स बनेंगे। ओडिशा, कर्नाटक, केरल में टर्टल ट्रेल्स बनेंगे।
धोलावीरा जैसे 15 पुरातात्विक स्थलों को सांस्कृतिक गंतव्य के रूप में विकसित किया जाएगा।
खेल: खेलो इंडिया मिशन की स्थापना होगी। अगले 10 वर्ष में इसके तहत काम किया जाएगा। इसके तहत प्रशिक्षण केंद्र बनाएंगे। व्यवस्थित तरीके से कोच और सपोर्ट स्टाफ को प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रतियोगिताएं और लीग होंगी। खेल ढांचे को प्रशिक्षण और प्रतियोगिता के लिए विकसित किया जाएगा।
इन्फ्रास्ट्रक्चर
अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री ने बताया कि इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र के लिए क्या योजनाएं बनाई गई हैं। उन्होंने कहा- पिछले दशक में सरकार ने इन्फ्रा निवेश पर काफी ध्यान दिया। वहीं पांच लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में इन्फ्रा और बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर जारी रहेगा। इसके लिए-
2026-27 में पूंजीगत खर्च को 12.2 लाख करोड़ करने का प्रस्ताव।
आंशिक लोन गारंटी के लिए इन्फ्रा जोखिम गारंटी निधि स्थापित होगी।
समर्पित आरईआईटी से रियल एस्टेट परिसंपत्तियों की रिसाइक्लिंग में तेजी का प्रस्ताव।
कार्गो के पर्यावरण अनुकूल आवागमन को बढ़ावा देने के लिए कई प्रस्ताव लाए जाएंगे।
पूर्व में डानकूनी से पश्चिम में सूरत तक डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर बनेगा।
कपड़ा उद्योग
वित्त मंत्री ने इस दौरान बताया कि कपड़ा उद्योग के लिए बजट में क्या-क्या घोषणाएं शामिल हैं। इसके तहत रेशम ऊन और जूट से जुड़े फाइबरों में आत्मनिर्भरता के लिए राष्ट्रीय फाइबर योजना लाई जाएगी। पारंपरिक क्लस्टरों के आधुनिकीकर के लिए वस्त्र विस्तार एवं रोजगार योजना आएगी। बुनकरों और कारीगरों की मदद के लिए राष्ट्रीय हथकरघा और हस्तशिल्प कार्यक्रम लाए जाएंगे। वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी और परिधाओं को बढ़ावा देने के लिए टैक्स-इको पहल। वस्त्र कौशल परिवेश के आधुनिकीकरण और उन्नयन के लिए समर्थ 2.0 का एलान। मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव।
महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल शुरू करने का प्रस्ताव। हथकरघा उद्योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमोट करने की जरूरत। यह प्रशिक्षण कौशल और उत्पादन गुणवत्ता को बेहतर बनाएगा। योजना से एक जिला-एक उत्पाद पहल और ग्रामीण युवाओं को लाभ मिलेगा।
बजट में ‘इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0’ की सौगात
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि हम ‘इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0’ लॉन्च करेंगे। इसके साथ ही, हम तकनीक और कुशल कार्यबल विकसित करने के लिए उद्योग के नेतृत्व वाले अनुसंधान और प्रशिक्षण केंद्रों पर भी ध्यान केंद्रित करेंगे। उन्होंने ये भी कहा कि मैं उच्च गुणवत्ता वाले खेल उपकरणों के विनिर्माण और अनुसंधान के लिए एक समर्पित पहल शुरू करने का प्रस्ताव करती हूं।
देश में चलेंगी 7 हाई स्पीड ट्रेनें
बजट में देश को हाई स्पीड ट्रेन कॉरोडोर की सौगात मिली है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि शहरों के बीच सात हाई स्पीड ट्रेन चलेंगी। इसमें पुणे-मुंबई, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलिगुड़ी शामिल हैं।
बजट से पहले सर्राफा बाजार में गिरावट
बीते सप्ताह आई तेज गिरावट के बाद सोना-चांदी की कीमतों में रविवार को एक बार फिर जोरदार क्रैश देखने को मिला। बजट के दिन शेयर बाजार के साथ कमोडिटी मार्केट एमसीएक्स पर भी ट्रेडिंग जारी रही और ओपनिंग के साथ ही दोनों कीमती धातुएं धड़ाम हो गईं। बाजार खुलते ही चांदी की कीमतों में सबसे बड़ा झटका लगा। 1 किलो चांदी का भाव अचानक 27,000 रुपये तक टूट गया, जिससे निवेशकों में हडक़ंप मच गया। वहीं सोना भी इस गिरावट से अछूता नहीं रहा और सोने के दाम में 13,000 रुपये से ज्यादा की तेज गिरावट दर्ज की गई। केंद्रीय बजट 2026-27 से पहले रविवार को वायदा कारोबार में सोने और चांदी की कीमतों में 9 प्रतिशत तक की गिरावट आई।



