बस में लावारिस मिला चार माह का मासूम, रोने की आवाज से खुला मामला; पुलिस जांच में जुटी

धमतरी बस स्टैंड में मानवता को झकझोर देने वाली घटना, बाल कल्याण समिति ने लिया संरक्षण में
धमतरी(प्रखर)शहर के मुख्य बस स्टैंड में गुरुवार दोपहर एक संवेदनशील और चौंकाने वाली घटना सामने आई, जब रायपुर से धमतरी पहुंची एक यात्री बस में लगभग 4 से 5 माह का मासूम शिशु लावारिस अवस्था में मिला। बस के भीतर से लगातार रोने की आवाज आने पर स्टाफ ने जब जांच की तो एक सीट पर बच्चा अकेला पड़ा मिला। इस दृश्य ने मौके पर मौजूद लोगों को भावुक कर दिया।
बस खाली होने के बाद सुनाई दी रोने की आवाज
जानकारी के अनुसार बस दोपहर करीब 3:15 बजे धमतरी बस स्टैंड पहुंची। सभी यात्री उतर चुके थे। कुछ समय बाद बस के अंदर से बच्चे के जोर-जोर से रोने की आवाज सुनाई दी। पहले तो लोगों को लगा कि शायद कोई यात्री बस में रह गया हो, लेकिन जब स्टाफ ने सीटों की तलाशी ली तो एक छोटे शिशु को अकेला देखकर सभी हैरान रह गए। आसपास पूछताछ करने पर बच्चे के साथ कोई अभिभावक सामने नहीं आया।
स्कार्फ से चेहरा ढके महिला पर संदेह
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पचपेड़ी क्षेत्र से एक महिला बस में सवार हुई थी, जिसने अपना चेहरा स्कार्फ से ढका हुआ था और उसकी गोद में एक छोटा बच्चा था। धमतरी पहुंचने के बाद वह महिला जल्दबाजी में बस से उतर गई। आशंका जताई जा रही है कि वही महिला बच्चे को सीट पर छोड़कर चली गई। हालांकि पुलिस इस संबंध में सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और बस स्टाफ व यात्रियों से पूछताछ की जा रही है।
पुलिस और चाइल्ड लाइन ने संभाला मोर्चा
सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। साथ ही चाइल्ड लाइन की टीम को भी बुलाया गया। बच्चे को सुरक्षित बस से बाहर निकालकर जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकीय परीक्षण किया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि शिशु स्वस्थ है और उसे किसी प्रकार की गंभीर शारीरिक समस्या नहीं है।
बाल कल्याण समिति के संरक्षण में बच्चा
फिलहाल बच्चे को बाल कल्याण समिति धमतरी के संरक्षण में रखा गया है। चाइल्ड लाइन की प्रतिनिधि नीलम साहू ने बताया कि बच्चे की उम्र लगभग 4 से 5 माह है और वह पूरी तरह स्वस्थ है। नियमानुसार आगे की वैधानिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर उसे विशेष दत्तक ग्रहण एजेंसी कांकेर को सुपुर्द किया जाएगा।
कई सवाल खड़े, जांच जारी
घटना के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं—आखिर वह महिला कौन थी? क्या वह बच्चे की मां थी या कोई अन्य व्यक्ति? किन परिस्थितियों में मासूम को इस तरह बस में छोड़ दिया गया? क्या मामला पारिवारिक विवाद, सामाजिक दबाव या किसी अन्य वजह से जुड़ा है? इन सभी बिंदुओं पर पुलिस जांच कर रही है।
बस स्टैंड और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि संदिग्ध महिला की पहचान की जा सके। पुलिस ने लोगों से भी अपील की है कि यदि किसी के पास इस संबंध में कोई जानकारी हो तो तत्काल पुलिस को सूचित करें।
यह घटना न केवल प्रशासन के लिए बल्कि समाज के लिए भी एक गंभीर चिंतन का विषय बन गई है। मासूम की सुरक्षा फिलहाल सुनिश्चित है, लेकिन उसके भविष्य को लेकर प्रशासन पूरी संवेदनशीलता के साथ आगे की कार्रवाई कर रहा है।



