इजरायल-अमेरिका के हमले से बौखलाए ईरान का पड़ोसी देशों पर हमला

अबू धाबी, कतर, कुवैत, बगदाद, लेबनान में भी तबाही का मंजर
सैन्य ठिकानों के अलावा पड़ोसी मुल्कों की आम जनता की जान खतरे में
येरुशलम। ईरान ने अपना असली रंग दिखाते हुए इजरायल अमेरिका के अलावा पडोसी मुल्कों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबू धाबी, कतर की राजधानी दोहा, कुवैत, दक्षिणी तट पर स्थित ब्रिटिश एयरबेस, बगदाद सहित अन्य स्थानों पर सैन्य स्थलों सहित आम नागरिको को निशाना बनाया। अमेरिका और इस्राइल ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए ईरान पर हवाई हमले किए थे, जिनमें ईरान के कई शहर निशाने पर आए। आज फिर ईरान की राजधानी तेहरान के विभिन्न हिस्सों में लगातार जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं हैं।
बगदाद में अमेरिकी सेना पर ड्रोन हमला
बगदाद, इराक में अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाते हुए एक ड्रोन हमले का दावा एक शियाई मिलिशिया समूह ने किया है। इस हमले का मकसद ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की हत्या के बाद बढ़ते बदले के क्रम को और तेज करना बताया जा रहा है। हमले का दावा करने वाला समूह सराया औलिया अल-दम है, जो 2003 में अमेरिकी नेतृत्व वाले इराक आक्रमण के बाद सक्रिय शियाई मिलिशियाओं में से एक है, जिसने उस समय सद्दाम हुसैन का शासन खत्म किया था।
ईरान में कुछ जगहों पर मनाया जा रहा जश्न
खामनेई की मौत के बाद दुनियाभर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। खामनेई की मौत पर ईरान, अमेरिका और यूके के कुछ हिस्सों में लोगों ने खुशी जताई है। ईरान की राजधानी तेहरान और कुछ अन्य शहरों में लोग सडक़ों पर निकल आए और खामेनेई की मौत की खबर पर खुशी जताई। कुछ लोगों का मानना है कि लंबे समय से चले आ रहे सख्त शासन के बाद अब बदलाव का मौका मिल सकता है। वॉशिंगटन स्थित नेशनल सोलिडिटरी ग्रुप ऑफ़ ईरान लंबे समय से मृतकों की याद में वॉशिंगटन में रैली आयोजित करने की योजना बना रहा था। लेकिन ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की मौत की ख़बर आने के बाद रैली का माहौल उत्सव में बदल गया। रैली में मौजूद कई लोग ख़ुशी से नाच रहे थे। कुछ लोग मिठाई बांट रहे थे, कुछ लोगों को फूल दे रहे थे और कई लोग एक-दूसरे को गले लगा रहे थे। रैली में शामिल लोगों ने “अमेरिका” के नारे लगाकर सरकार को धन्यवाद दिया। संगीतकार और मशहूर ईरानी गायक मोहम्मद रज़ा शाजेरियन की बेटी मोजग़न शाजेरियन ने समारोह में भाषण दिया और दिवंगत लोगों को याद करते हुए कहा कि आज के दिन उनकी जगह ख़ाली है।
ईरान ने ब्रिटिश एयरबेस पर किया ड्रोन हमला
साइप्रस की सरकार ने पुष्टि की है कि देश के दक्षिणी तट पर स्थित ब्रिटिश एयरबेस क्र्रस्न अक़्रोतिरी पर ईरान समर्थित ड्रोन ने हमला किया। अधिकारियों के अनुसार, इस हमले से केवल सीमित नुकसान हुआ और कोई बड़ा खतरा नहीं पैदा हुआ। साइप्रस के प्रवक्ता कॉन्स्टेंटिनोस लेतिम्बियोटिस ने कहा कि सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू कर दिए गए हैं और ब्रिटेन के साथ मिलकर स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने यह नहीं बताया कि ड्रोन किस प्रकार का था या कहां से लॉन्च किया गया।
डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका फर्स्ट को बनाया इस्राइल फर्स्ट, ईरान ने की कड़ी आलोचना
ईरान के वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी अली लारिजानी ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति को बदलकर ‘इस्राइल फर्स्ट’ बना दिया है और इस प्रक्रिया में अमेरिकी सैनिकों को इस्राइल की महत्वाकांक्षाओं के लिए बलिदान कर दिया। लारिजानी ने एक्स पर लिखा ‘ट्रंप ने अपनी भ्रमपूर्ण कल्पनाओं से पश्चिम एशिया को अराजकता में डाल दिया है और अब अमेरिकी हताहतों के बढऩे का डर महसूस कर रहे हैं। अमेरिकी सैनिक और उनके परिवार इसका भारी मूल्य चुकाएंगे।’ उन्होंने यह भी कहा कि ईरान अपनी सुरक्षा के लिए संरक्षण और आत्मरक्षा जारी रखेगा और किसी भी आक्रामक कार्रवाई का जवाब देने से पीछे नहीं हटेगा।
ईरान का तबाही मचाने वाला हथियार, खुफिया सुरंग में भरे दिखे शाहेद ड्रोन
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने अपने ड्रोन क्षमताओं में नए स्तर को दिखाते हुए शाहेद ड्रोन टनल नेटवर्क का खुलासा किया है। हाल ही में दुबई के आकाश में शाहीद श्रृंखला के लोइटरिंग म्यूनिशन ड्रोन देखे गए, जिनमें से एक ने शहर के किसी क्षेत्र को भी निशाना बनाया। स्थानीय लोगों ने इस घटना के दृश्य सोशल मीडिया पर साझा किए। शाहेद ड्रोन बहुत कम ऊंचाई पर उड़ते हैं और बुनियादी पिस्टन प्रोपल्शन सिस्टम से संचालित होते हैं। छोटी रडार सिग्नेचर और कठिन भौगोलिक क्षेत्रों में उड़ान इसे मुश्किल से पकडऩे योग्य बनाती है। कुछ लोगों ने शाहेद ड्रोन के इंजन की आवाज को मृत्यु की चीख़ कहा है। नागरिकों ने लक्ष्य पर हमला करने से पहले इसकी मोटर की आवाज सुनी, जिससे आम लोगों और विरोधी सेनाओं में साइकोलॉजिकल डर फैलता है।
बड़ी संख्या में शिया मुसलमानो ने किया प्रदर्शन
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में रविवार को तस्वीरें, पोस्टर, बैनर और ईरानी झंडे लेकर अमेरिका और इस्राइल के खिलाफ प्रदर्शन किया। रविवार को कारगिल-द्रास में बड़ी संख्या में शिया समुदाय के लोग प्रदर्शन में शामिल हुए। जम्मू-कश्मीर में शिया समुदाय के बड़े धार्मिक संगठन अंजुमन-ए-शरी शियान ने प्रदेश में 40 दिन के शोक का एलान किया है। श्रीनगर में लाल चौक पर शिया समुदाय के हजारों लोग इक_ा हो गए। यहां शाम तक प्रदर्शन, शोक सभा और अजादारी होती रही। वहीं, अब प्रदर्शनों के चलते कश्मीर के कुछ हिस्सों में कई पाबंदियां लागू कर दी गई हैं। विवार को लाल चौक, सैदा कदल, बडगाम, बांदीपोरा, अनंतनाग और पुलवामा में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए। विरोध को रोकने के लिए लाल चौक इलाके को प्रशासन ने सील कर दिया है। घंटाघर (क्लॉक टॉवर) के आसपास भी सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गईं हैं।



