विधायक विक्रम उसेंडी ने उठाया जर्जर पुल-पुलियों की मरम्मत का मुद्दा, आसंदी ने कहा ऐसे ठेकेदारों को ब्लैक लिस्टेड करना चाहिए

विधायक विक्रम उसेंडी ने उठाया जर्जर पुल-पुलियों की मरम्मत का मुद्दा, आसंदी ने कहा ऐसे ठेकेदारों को ब्लैक लिस्टेड करना चाहिए
प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायक विक्रम उसेंडी ने कांकेर जिले के जर्जर पुल-पुलियों की मरम्मत का मुद्दा उठाया। संबंधित मंत्री के जवाब पर आसंदी ने काम नहीं कर पा रहे ठेकेदारों को ब्लैकलिस्टेड करने की बात कही। आज प्रश्नकाल में विधायक विक्रम उसेंडी ने कांकेर जिले अंतर्गत जर्जर पुल पुलियों के निर्माण की स्वीकृति का मुद्दा उठाते हुए सवाल किया कि निर्माण कब तक होगा? क्योंकि पुलिया काफी संकरा है, और अब डेमेज हो गए हैं, रेलिंग भी नहीं हुई है। क्या इसकी वजह से दुर्घटनाएं घटित हुई है? हां तो किस तरीके की व्यवस्था की गई है?
इस पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि जो कांकेर जिले से भानुप्रतापपुर पखांजूर की ओर जाने वाली सडक़ काफी महत्वपूर्ण है। यह सही है कि आज की अवधि तक यह कार्य पूरा करना चाहिए था। जो कि अनुबंधक के चले जाने की वजह से नहीं हो पाया है। अब तक 134 में से 114 पुल-पुलियों का काम किया गया है। लेकिन जो अनुबंध में शामिल था, उसका निर्माण नहीं किया गया है। मामला उच्च न्यायालय में लंबित है। उन्होंने बताया कि 11 पुल-पुलिए संकरे हैं, लेकिन विभाग ने उसे ठीक करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की है। सडक़ों की स्वीकृति के लिए क्षेत्रीय अधिकारी को पत्र भी लिखा है। मंत्री जी ने निर्माण की घोषणा की है, बजट में शामिल है। एक पुल का काम अप्रैल तक पूरा हो जाएगा। दूसरे के कार्य में भी हम लगे हुए हैं। हम चाहते हैं कि यह निर्माण कार्य जल्द हो जाए।
इस पर विधायक उमेश पटेल ने सवाल किया कि क्या अभी तक कोई दुर्घटना नहीं हुई है? इस पर अरुण साव ने कहा कि दुर्घटना की आशंका बनी रहती है, लेकिन विभाग उसके लिए कार्य कर रहे हैं। अब तक दुर्घटना हुई नहीं है। अनुबंधक चला गया है, इसलिए निर्माण नहीं हुआ। शासकीय स्वीकृति की प्रक्रिया चल रही है।
विधायक ने इस पर कहा कि 77/2 जो सडक़ है, वहां 5 दुर्घटनाएं हो चुकी है। 30 अप्रैल, 11 नवंबर, दिसम्बर, इस तरह से 5 घटनाएं है। लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं, लेकिन विभाग के उत्तर में कुछ भी नहीं हुआ है, यह कहना यह गलत जानकारी है। इस पर आसंदी ने कहा कि जो भी जानकारी है वो आप उपलब्ध करा दीजिए। इस पर विधायक ने कहा कि स्थल पर दुर्घटना हुई है, इन्हें स्वीकार तो करना चाहिए। मैं यह पूरी जानकारी पटल पर रखना चाहता हूं।
ऐसे ठेकेदारों को ब्लैक लिस्टेड करना चाहिए
इस पर आसंदी ने कहा कि जो ठेकेदार कार्य नहीं कर पा रहे उन्हें ब्लैक लिस्टेड करना चाहिए। मंत्री अरुण साव ने कहा कि थाने से दुर्घटना होने की जानकारी नहीं आई है, लेकिन मैं आपकी बात को स्वीकार करता हूं। मैने शुरू से स्वीकार किया है कि महत्वपूर्ण रोड है, इसके मरम्मत के लिए हम लगातार प्रयास कर रहे हैं। पीडब्ल्यूडी ठेकदारों को लेकर विधानसभा में सभापति ने मंत्री को सुझाव दिया। एसओआर से कम रेट पर ठेकेदार काम ले लेते हैं, बाद में काम अधूरा छोड़ देते हैं। ऐसे ठेकेदारों को छग में ब्लैकलिस्ट करना चाहिए। पीडब्ल्यूडी मंत्री अरुण साव ने सदन में कहा आसंदी के निर्देश का बिलकुल सम्मान होगा।



