रायपुर स्टेशन : 173 वर्षों का गौरवशाली इतिहास, आधुनिक सुविधाओं से हो रहा विस्तार

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर रेलवे स्टेशन भारतीय रेलवे के प्रमुख स्टेशनों में से एक है। लगभग 173 वर्षों के गौरवशाली इतिहास वाला यह स्टेशन आज यात्रियों की सुविधाओं और आधुनिक व्यवस्थाओं के विस्तार के साथ लगातार विकसित हो रहा है।
विमल बाफना, सदस्य क्षेत्रीय रेल सलाहकार समिति रेल मंडल रायपुर ने बताया कि दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत आने वाला रायपुर स्टेशन यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और राजस्व के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण है। वित्तीय वर्ष 2025–26 के आंकड़ों के अनुसार इस अवधि में लगभग 2 करोड़ 66 लाख यात्रियों ने यहां से यात्रा की। टिकट जांच के माध्यम से लगभग 11 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जो बेहतर प्रबंधन और अनुशासन का संकेत है।
माल ढुलाई के क्षेत्र में भी स्टेशन का योगदान उल्लेखनीय रहा है। इस अवधि में करीब 4,933 करोड़ रुपये की आय अर्जित हुई, जिसमें कोयला, सीमेंट और खाद्यान्न प्रमुख रहे। इसके अलावा यात्री टिकटों से भी लगभग 4,983 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ, जो रेलवे की आर्थिक मजबूती में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
लगातार बढ़ती यात्रियों की संख्या को देखते हुए रायपुर रेलवे स्टेशन को आधुनिक स्वरूप दिया जा रहा है। स्टेशन के सभी प्लेटफार्मों पर पर्याप्त बैठने की व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल, व्यवस्थित खानपान स्टॉल और आधुनिक वेटिंग रूम जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए फीडिंग रूम, मसाज चेयर, गेम जोन और बुजुर्गों के लिए ई-वाहन जैसी व्यवस्थाएं भी की गई हैं।
रायपुर से देश के प्रमुख शहरों कोलकाता, मुंबई, चेन्नई, बेंगलुरु, जयपुर, बीकानेर और जैसलमेर सहित कई प्रमुख शहरों के लिए नियमित ट्रेन सेवाएं उपलब्ध हैं। इससे व्यापार, पर्यटन और आवागमन को बड़ी सुविधा मिल रही है।
रेलवे प्रशासन द्वारा यात्रियों की मांग को देखते हुए नई ट्रेन सेवाओं और रूट विस्तार की भी योजना बनाई जा रही है। साथ ही अमृत भारत योजना के तहत स्टेशन के बुनियादी ढांचे को और विकसित किया जा रहा है, ताकि यात्रियों को एयरपोर्ट जैसी आधुनिक सुविधाएं मिल सकें।
कुल मिलाकर रायपुर रेलवे स्टेशन छत्तीसगढ़ की आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बन चुका है और आने वाले समय में यह और अधिक आधुनिक एवं सुविधाजनक स्वरूप में विकसित होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा



