इजरायल-अमेरिका ने ईरान पर किया बड़ा हमला, आईईए ने कहा 40 ऊर्जा ठिकाने गंभीर रूप से ध्वस्त

इजरायल-अमेरिका ने ईरान पर किया बड़ा हमला, आईईए ने कहा 40 ऊर्जा ठिकाने गंभीर रूप से ध्वस्त
तेहरान। इजरायल और अमेरिका ने ईरान पर फिर बहुत बड़ा हमला किया है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के अनुसार सोमवार को तेहरान पर किए गए इस हमले में ईरान के कम से कम 40 ऊर्जा ठिकानों को बहुत गंभीर क्षति पहुंची है या वे पूरी तरह से नष्ट हो गए हैं। इजरायल ने सोमवार को ईरान पर हमलों की इस नई लहर को शुरू किया है। इसके जवाब में ईरान ने भी इजरायल के मध्य पूर्व के महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर पर जवाबी कार्रवाई की धमकी दी है। इस दौरान ईरान भी इजरायल और अमेरिका के मिडिल-ईस्ट में ठिकानों को निशाना बना रहा है। सऊदी रक्षा मंत्रालय ने रियाद पर बैलिस्टिक मिसाइल को रोके जाने की जानकारी दी, जबकि दूसरी निर्जन क्षेत्र में गिरी। यूएई ने भी अपनी एयर डिफेंस से ईरानी मिसाइलों को इंटरसेप्ट किए जाने का दावा किया है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) के प्रमुख फतिह बिरोल ने कहा कि युद्ध में तेल-गैस निर्यातक क्षेत्र के कम से कम 40 ऊर्जा संपत्तियां “गंभीर या बहुत गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त” हो चुकी हैं। इजरायल-अमेरिका के ईरान पर हमलों से शुरू हुआ यह युद्ध अब चौथे हफ्ते में प्रवेश कर चुका है। इजरायल और अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान की प्रतिक्रिया भी बेहद सख्त रही है। ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर घालिबाफ ने कहा कि यदि ट्रंप अपनी धमकी पर अमल करते हैं तो क्षेत्र भर के महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर “वैध लक्ष्य” माने जाएंगे और “अपरिवर्तनीय रूप से नष्ट” कर दिए जाएंगे। इस बीच खबर है कि ईरान होर्मुज पर “टैक्स” लगाने पर विचार कर रहा है और युद्ध से पहले की स्थिति में वापसी नहीं होगी। फतिह बिरोल ने कैनबरा में पत्रकारों से कहा कि वर्तमान में रोजाना 11 मिलियन बैरल तेल की कमी हो रही है। यह 1970 के दशक के दो तेल संकटों से अधिक है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि संकट जारी रहा तो कोई भी देश इससे अछूता नहीं रहेगा। आईईए सदस्य देशों के साथ अतिरिक्त तेल स्टॉक रिलीज पर विचार किया जा रहा है।



