गौ सम्मान आह्वान अभियान के तहत राष्ट्रपति के नाम सौंपा गया ज्ञापन
गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने, गोहत्या पर देशव्यापी सख्त कानून बनाने और गौवंश संरक्षण को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करने की उठी मांग
गौ सम्मान आह्वान अभियान के तहत राष्ट्रपति के नाम सौंपा गया ज्ञापन
गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने, गोहत्या पर देशव्यापी सख्त कानून बनाने और गौवंश संरक्षण को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करने की उठी मांग
धमतरी। संतों के आह्वान पर देशभर में संचालित ‘गौ सम्मान आह्वान अभियान’ के तहत रविवार को धमतरी में भी गौभक्तों, सामाजिक संगठनों एवं विभिन्न हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग उठाई। अभियान के तहत बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां कर्मा चौक पर एकत्रित हुए, जहां गौ पूजन एवं भजन-कीर्तन के बाद पैदल मार्च निकालते हुए जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। यहां डिप्टी कलेक्टर मनोज मरकाम को राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में केंद्र सरकार से पूरे देश में गोहत्या पर समान एवं सख्त कानून लागू करने, गौ तस्करी पर प्रभावी रोक लगाने, गौवंश संरक्षण को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करने तथा गौशालाओं के संचालन, चिकित्सा, चारे और रखरखाव के लिए पर्याप्त आर्थिक संसाधन उपलब्ध कराने की मांग की गई। साथ ही गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा देने की मांग को प्रमुखता से रखा गया।
गौ सेवा आयोग के धमतरी जिला अध्यक्ष हेमराज सोनी ने अपने उद्बोधन में कहा कि संतों के आह्वान पर पूरे भारत में जिला स्तर पर गौ सम्मान आह्वान अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत देशभर के गौभक्तों द्वारा एक लाख से अधिक हस्ताक्षर एकत्रित किए गए हैं, जिन्हें राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन के साथ सौंपा जा रहा है। उन्होंने कहा कि धमतरी, नगरी और कुरूद क्षेत्र से बड़ी संख्या में गौभक्त इस अभियान में शामिल हुए और मां कर्मा चौक से भजन-कीर्तन करते हुए पैदल मार्च निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने कहा कि गौ माता भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का आधार हैं। इसलिए उनका संरक्षण प्रत्येक नागरिक और सरकार की जिम्मेदारी है तथा उन्हें राष्ट्र माता का सम्मान मिलना चाहिए।
अभियान के सह संयोजक डागेश्वर साहू ने कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 48 में राज्य को गौवंश सहित उपयोगी पशुओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रयास करने का निर्देश दिया गया है। वहीं अनुच्छेद 51(ए)(जी) प्रत्येक नागरिक का यह मूल कर्तव्य निर्धारित करता है कि वह सभी जीव-जंतुओं के प्रति करुणा का भाव रखे। उन्होंने कहा कि संविधान की इसी भावना को ध्यान में रखते हुए गौ संरक्षण के लिए पूरे देश में एक समान और प्रभावी कानून बनाया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि यह अभियान केवल किसी संगठन तक सीमित नहीं है, बल्कि देशभर के संतों, गौभक्तों और सामाजिक संगठनों का जनआंदोलन बन चुका है।
हिंदू संगठन के प्रतिनिधि चित्रेश साहू ने कहा कि गौ माता भारतीय संस्कृति, कृषि व्यवस्था और धार्मिक आस्था का अभिन्न अंग हैं। उन्होंने कहा कि गौ संरक्षण केवल धार्मिक विषय नहीं, बल्कि पर्यावरण, जैविक खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने केंद्र सरकार से गौहत्या पर कठोर कानून लागू करने, गौ तस्करी पर पूर्ण नियंत्रण करने तथा निराश्रित गौवंश के संरक्षण के लिए स्थायी एवं प्रभावी व्यवस्था करने की मांग की।
ज्ञापन प्राप्त करने के बाद डिप्टी कलेक्टर मनोज मरकाम ने अभियान से जुड़े प्रतिनिधियों से ज्ञापन स्वीकार किया और कहा कि इसे नियमानुसार शासन के माध्यम से राष्ट्रपति कार्यालय को अग्रेषित किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान गौ माता के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय रहा। बड़ी संख्या में गौभक्तों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर गौ संरक्षण के समर्थन में नारे लगाए तथा जनजागरण का संदेश दिया। अभियान के आयोजकों ने बताया कि देशभर में चल रहे इस हस्ताक्षर अभियान का उद्देश्य गौ संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना और केंद्र सरकार तक आम नागरिकों की भावना पहुंचाना है। उनका विश्वास है कि इस राष्ट्रव्यापी अभियान से गौ संरक्षण को लेकर प्रभावी निर्णय लिए जाएंगे और गौवंश की सुरक्षा के लिए मजबूत कानूनी व्यवस्था सुनिश्चित होगी।



