मोदी-सुखबीर मुलाकात से पंजाब की सियासत में हलचल, क्या फिर साथ आएंगे अकाली दल और भाजपा?

नई दिल्ली। पंजाब की राजनीति में शुक्रवार को अचानक हलचल तेज हो गई, जब शिरोमणि अकाली दल (बादल) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने संसद भवन पहुंचकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। दोनों नेताओं की इस मुलाकात के बाद पंजाब के राजनीतिक गलियारों में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। इस बैठक को पुराने सहयोगी रहे शिरोमणि अकाली दल और भाजपा के बीच संभावित राजनीतिक समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, दोनों दलों की ओर से गठबंधन को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
लंबे समय तक गठबंधन में रहे हैं दोनों दल
शिअद और भाजपा लंबे समय तक पंजाब में गठबंधन सहयोगी रहे हैं। वर्ष 2020 में कृषि कानूनों को लेकर किसानों के आंदोलन के बाद दोनों दलों के बीच दूरी बढ़ी और गठबंधन टूट गया। इसके बाद 2022 का विधानसभा चुनाव और 2024 का लोकसभा चुनाव दोनों पार्टियों ने अलग-अलग लड़ा। अब 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले दोनों नेताओं की मुलाकात ने नए राजनीतिक समीकरणों की संभावनाओं को जन्म दे दिया है। पंजाब में आम आदमी पार्टी, कांग्रेस, भाजपा और अकाली दल के बीच संभावित बहुकोणीय मुकाबले में किसी भी नए गठबंधन का असर चुनावी गणित पर पड़ सकता है।
केजरीवाल ने साधा निशाना
इस मुलाकात पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने तंज कसा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ना ना करते प्यार तुम्हीं से कर बैठे। तो क्या चंदा चोर पार्टी और बेअदबी पार्टी का गठबंधन हो रहा है? मोदी और सुखबीर बादल की मुलाकात के बाद अब सभी की नजरें भाजपा और अकाली दल के अगले राजनीतिक कदम पर टिकी हैं।



