
रायपुर। रायपुर पहुंचे पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने प्रेसवार्ता कर कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा है। पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर ने कहा, कोयला घोटाले में दो-दो कलेक्टर जेल में हैं। अधिकारी जेल में हैं। छत्तीसगढ़ कोयले की खान है। छतीसगढ़ में भ्रष्टाचार बहुत पारदर्शी है। पवन खेड़ा को लेकर रविशंकर ने कहा, कांग्रेस सरकार आपके लिए नोट कमाने की मशीन है। किसी को बेल नहीं हुआ है। ये बहुत बड़ी बात है। चाहे कोयला घोटाला या शराब घोटाला? रविशंकर ने कहा, आज सब जेल में हैं, परेशान हैं। भाजपा कोई घोटाला छोड़ने वाली नहीं है। भाजपा की सरकार बनने वाली है, कितना भी प्रचार प्रसार कर लें।
रविशंकर प्रसाद ने कहा, कांग्रेस को आवास योजना से क्यों चिढ़ है। इनके मंत्री ने चिट्ठी लिखी है। यह योजना गरीब लोगों के लिए है। धान खरीदी को लेकर हम 2184 रुपए हम देते हैं। पीएम ने घोषणा भी की है हम और खरीदेंगे। राम को लेकर राजनीति पर पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर ने कहा, भूपेश जी आपके पिता ने राम के प्रति कितना काम किया है यह जग जाहिर है। जब अखिलेश यादव की पार्टी के लोग बोलते हैं तो क्यों खामोश थे. खरगे साहब के पुत्र जब सनातन के खिलाफ बोलते हैं तो आप क्यों खामोश थे।
उन्होंने कहा, कांग्रेस सरकार में हुए घोटालों को पूरजोर तरीके से उठाएंगे। भाजपा सरकार बनते ही दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। कोयला घोटाला, पीएसएसी घोटाल के बाद सरकार ने गोबर को भी नहीं छोड़ा। गोबर पर भी तस्करी कर रहे हैं। वहीं कैंडी क्रश को लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, भूपेश बघेल आपको गेमिंग एप से प्यार क्यों है। यह सवाल मैं जरूर उठाऊंगा।
पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर ने कहा, महादेव एप से जुड़े भिलाई के एक जवान ने अपनी शादी में 200 करोड़ खर्च किए। दुबई में सिनेमा के स्टार सहित सबको पेमेंट किया है। एक भक्त सीएम के करीबी हैं, जिसमे उनके खिलाफ भी कार्यवाही की गई है। एक बात समझ आई कि भूपेश बघेल को गेमिंग एप से बहुत प्यार है। युवाओं का आपने क्या भविष्य बनाया है। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है।
अडानी के खिलाफ पोस्टर जारी करने पर रविशंकर ने कहा, होमवर्क नहीं करते हैं। देश के व्यापारी अगर निवेश करेंगे। तभी देश आगे बढ़ेगा। मेरे पास सारे कागज हैं। भूपेश बघेल अब ये बताएं कि मनमोहन जी के समय में ऑस्ट्रेलिया में निवेश किया था। X प्लस सुरक्षा को लेकर उन्होंने कहा, सरकार तो है ना देने के लिए क्यों नहीं दिया।



