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छत्तीसगढ़ में धान खरीदी और कस्टम मिलिंग पर झूठ फ़ैला रहे भाजपाई : सुरेंद्र वर्मा

रायपुर। कस्टम मिलिंग को लेकर भारतीय जनता पार्टी के आरोप पर पलटवार करते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि अरुण साव को रमन सरकार के दौरान किए गए धान और नान के पाप याद आ रहे हैं। दुनियां का सबसे बड़ा पीडीएस घोटाला रमन सिंह के कार्यकाल में हुआ, जिसमें 21 लाख फर्जी राशन कार्ड बनाकर गरीबों के राशन भाजपाई खा गए। चावल वाले बाबा का मुखौटा लगाकर गरीबों का राशन चोरी करते रहे, 36 हजार करोड़ की डकैती की। भाजपा के नेता किस नैतिकता से आरोप लगा रहे हैं?

सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि भूपेश बघेल सरकार की उपलब्धियों से विचलित होकर भाजपा नेता कस्टम मिलिंग को लेकर झूठ बोल रहे हैं। हकीकत यह है कि रमन सरकार के दौरान किसान और किसानों से खरीदे धान का अनादर किया जाता रहा। भूपेश सरकार ने तो धान खरीदी फड़ में चबूतरा बनाया, शेड की व्यवस्था की, अन्नदाता के परिश्रम से उपजाए अन्न को सड़ने से बचाने की समुचित व्यवस्था की। भ्रष्टाचार, कुशासन और वादाखिलाफ़ी भाजपा का चरित्र है। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने किसानों को अपमानित करने का कोई अवसर नहीं छोड़ा है। अब चुनावी लाभ के लिए अरुण साव सहित तमाम भाजपाई गलत बयानी कर रहे हैं।

सुरेन्द्र वर्मा ने कहा कि रमन सरकार के दौरान छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य में खरीदे गये धान 2-2 साल तक खुले में पड़े सड़ते रहते थे। हर साल सैकड़ो करोड़ का नुकसान राज्य के राजस्व का होता था। भूपेश सरकार में तत्काल उठाव और मिलिंग की व्यवस्था से नुकसान कम हुआ है। भारतीय जनता पार्टी के शासनकाल में स्कूटर और मोटर सायकल के नंबर को दर्ज कर हाईवा का बताया करते थे और परिवहन बिल का फर्जी भुगतान कर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किये। छत्तीसगढ़ के वन भूमि और शहरी आबादी भूमि का पंजीयन करा कर कोचियों और धान का अनुचित तरीके से खपाने में भाजपाई सहभागी हुआ करते थे। मुंगेली के वनभूमि और मोवा सड्डू के आबादी भूमि का रमन राज में धान खरीदी के लिए किए गए पंजीयन का फर्जीवाड़ा सर्वविदित है। अब भूपेश बघेल सरकार में पारदर्शिता बरती जा रही है। पंजीयन से लेकर टोकन और भुगतान की व्यवस्था ऑनलाईन हो रही है। किसानों की सुविधा बढ़ी है तो किसान विरोधी भाजपाईयों को पीड़ा हो रही है, कस्टम मिलिंग और पीडीएस घोटाले का तथ्यहीन आरोप लगा रहे है।

Author Desk

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