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उत्तराखंड निर्माणाधीन सुरंग में रेस्क्यू ऑपरेशन का सातवां दिन, ऑस्ट्रेलिया से पहुंचे विशेषज्ञ

उत्तरकाशी। यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर सिलक्यारा से डंडालगांव के बीच निर्माणाधीन सुरंग में हुए हादसे में तकरीबन 40 मजदूर फंसे हैं। मजदूरों को बचाने रेस्क्यू ऑपरेशन आज सातवें दिन भी जारी है।

रेस्क्यू ऑपरेशन में मदद के लिए रेल विकास निगम लिमिटेड की ऑस्ट्रेलिया की कंसल्टेंसी कंपनी के विशेषज्ञ उत्तरकाशी पहुंच चुके हैं। वहीं इंदौर से एयरलिफ्ट कर मंगवाई गई मशीन देर रात जौलीग्रांट एयरपोर्ट से चली। मशीन के पार्ट्स कंडीसौड़ पहुंच गए हैं।
सुरंग के अंदर 1750 हार्स पॉवर की ऑगर मशीन के चलने से कंपन हो रहा है। जिससे सतह का संतुलन बिगड़ रहा है। इसके चलते मलबा गिरने का खतरा है। इसे ध्यान में रखते हुए अब बीच में कुछ समय रुकेंगे और फिर काम शुरू करेंगे। चौथे पाइप का दो मीटर हिस्सा वेल्डिंग के लिए बाहर छोड़ा गया है। पांचवें पाइप को वेल्डिंग कर जोड़ दिया गया है। कुछ समय बाद इसको डालने के लिए ड्रिलिंग का काम शुरू किया जाएगा। बेरिंग खराब होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि जब मशीन चलती है तो बेरिंग खराब होती ही है, जिसे बदला जाएगा।

सिलक्यारा सुरंग में पिछले सात दिन से फंसे 40 मजदूरों को बचाने के लिए चल रहे बचाव अभियान के तहत सुरंग में 22 मीटर तक ड्रिल के बाद काम रुक गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग और अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (एनएचआईडीसीएल) ने प्रेस रिलीज जारी कर बताया कि ड्रिलिंग का काम कर रही अमेरिकी ऑगर मशीन की बेरिंग में खराबी आ गई है, इसी कारण काम रुका है।

वहीं, एनएचआईडीसीएल के अधिकारियों का कहना है कि मशीन चलने से हो रहे कंपन के कारण सतह का संतुलन बिगड़ रहा है, जिससे मलबा गिरने का खतरा है, इस कारण भी बीच में काम रोकने का निर्णय लिया गया है। दरअसल यमुनोत्री हाईवे पर निर्माणाधीन सिलक्यारा से पोलगांव तक प्रस्तावित 4.5 किमी लंबी सुरंग में भूस्खलन होने से 40 मजदूर छह दिन से फंसे हुए हैं।

Author Desk

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