22 साल बाद सेवानिवृत्त होकर गांव लौटे सेना के जवान विष्णु निषाद, मंदरौद में हुआ भव्य स्वागत

अब गांव के युवाओं को देश सेवा के लिए करेंगे प्रेरित-विष्णु निषाद
कुरूद(प्रखर)देश की सेवा में 22 वर्षों तक सरहद पर तैनात रहे भारतीय सेना के जवान विष्णु राम निषाद जब सेवानिवृत्ति के बाद अपने पैतृक ग्राम मंदरौद पहुंचे तो पूरा गांव उत्साह और गर्व से झूम उठा। ग्रामीणों ने ‘भारत माता की जय’ और ‘विष्णु भैया जिंदाबाद’ के नारों के बीच फूल-मालाओं और श्रीफल भेंट कर उनका भव्य स्वागत किया।
युवाओं ने उन्हें सम्मानपूर्वक जुलूस के रूप में गांव के शहीद भगत सिंह स्टेडियम तक पहुंचाया, जहां सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत में विष्णु राम निषाद ने शहीद भगत सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके चरण स्पर्श कर ‘इंकलाब जिंदाबाद’ के नारे लगाए।
इसके बाद स्पोर्ट्स एसोसिएशन मंदरौद के युवाओं ने उन्हें शहीद भगत सिंह की छायाप्रति भेंट कर सम्मानित किया। साथ ही उनके कर कमलों से रिबन काटकर तीन दिवसीय मोहल्ला क्रिकेट प्रतियोगिता का शुभारंभ कराया गया। प्रतियोगिता में भाग लेने वाली सभी टीमों के खिलाड़ियों को टी-शर्ट भी वितरित की गई।
ग्राम के सरपंच भीखम लहरे ने बताया कि विष्णु राम निषाद 26 अप्रैल 2004 को भारतीय सेना में इलेक्ट्रॉनिक एंड मैकेनिकल इंजीनियर (EME) के पद पर भर्ती हुए थे और 31 मार्च 2026 को 22 वर्षों की गौरवपूर्ण सेवा के बाद सेवानिवृत्त हुए हैं। वे ग्राम मंदरौद के शुरुआती चयनित सैनिकों में से एक रहे, जिनसे प्रेरणा लेकर गांव के लगभग 65 युवाओं ने देश सेवा के लिए सेना में जाने का संकल्प लिया।
ग्रामीण थानूराम साहू ने कहा कि विष्णु राम निषाद बेहद शांत, सरल, अनुशासनप्रिय और कर्तव्यनिष्ठ व्यक्ति हैं। उन्होंने अपने पूरे सेवा काल को ईमानदारी और बेदाग तरीके से पूरा किया है, जिस पर पूरे गांव को गर्व है।
सम्मान समारोह में भावुक होते हुए विष्णु निषाद ने कहा, “वर्दी उतरी है, जज्बा नहीं। फौज ने मुझे जीना सिखाया। 22 साल कब बीत गए पता ही नहीं चला। आज अपनी मिट्टी पर कदम रखकर जो सुकून मिला है, उसे शब्दों में बयां नहीं कर सकता। देश की सेवा सबसे बड़ा धर्म है। अब कुछ समय परिवार को दूंगा और गांव के युवाओं को सेना में भर्ती होकर देश सेवा के लिए प्रेरित करूंगा।”
कार्यक्रम में मोहन साहू, लोमश साहू, कीर्तन सोनकर, किशुन सोनकर, किशन सोनकर, पुरुषोत्तम निषाद, मनहरण साहू, नरेंद्र साहू, तेजराम साहू, ओमप्रकाश पटेल, हीरामन साहू, लीलाम्बर साहू, फलेन्द्र साहू, मनोज साहू, हेमंत साहू सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।



