छत्तीसगढ़

मातृदिवस पर भाजपा नेता पं. राजेश शर्मा ने सैकड़ों माताओं का किया सम्मान, वंदन-पूजन कर पेश की अनूठी मिसाल


धमतरी-मातृदिवस के अवसर पर शहर में एक भावनात्मक और प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें समाजसेवी एवं भाजपा के प्रदेश कार्यसमिति स्थाई आमंत्रित सदस्य पं. राजेश शर्मा ने सैकड़ों मातृशक्तियों का सम्मान कर समाज के सामने एक अनूठी मिसाल पेश की। शहर के हृदय स्थल बालक चौक स्थित धन केशरी मंगल भवन में आयोजित इस गरिमामय समारोह में माताओं का वंदन, पूजन और अर्चन कर उनके योगदान को नमन किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित मातृशक्तियों ने कहा कि जीवन की भागदौड़ के बीच ऐसे अवसर बहुत कम आते हैं, जब कोई व्यक्ति समाज में मां के पवित्र रिश्ते का इतना सम्मान करता है। माताओं ने भावुक होकर कहा कि पं. राजेश शर्मा द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम शहर की सामाजिक और सांस्कृतिक परंपरा में हमेशा याद किया जाएगा।
इस अवसर पर पं. राजेश शर्मा ने कहा कि समाज में सबसे पवित्र और महान रिश्ता मां का होता है। वर्तमान समय में जहां सामाजिक मूल्यों में गिरावट देखी जा रही है, वहीं मां का रिश्ता आज भी भारतीय संस्कृति को मजबूती देता है। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लाया गया नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है, जिसने समाज में नारी सम्मान को नई पहचान दी है।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम के प्रति दिखी जागरूकता
मातृदिवस के इस आयोजन में उपस्थित महिलाओं ने महिलाओं को समुचित प्रतिनिधित्व देने वाले नारी शक्ति वंदन अधिनियम का समर्थन किया और इसे देश में आधी आबादी को सम्मानजनक भागीदारी देने वाला ऐतिहासिक निर्णय बताया।
विभिन्न क्षेत्रों की महिलाओं का हुआ सम्मान
कार्यक्रम में शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, प्रशासन, सामाजिक सेवा और सार्वजनिक जीवन में उल्लेखनीय योगदान देने वाली कई महिलाओं को सम्मानित किया गया। एक ही मंच पर विभिन्न क्षेत्रों की महिलाओं का सम्मान शहर के लिए गौरवपूर्ण क्षण बन गया।
मुख्य चेयरपर्सन बनीं दिव्यांग गायत्री साहू
समारोह में विशेष क्षण तब आया जब बचपन से दोनों पैरों से दिव्यांग 42 वर्षीय गायत्री साहू को कार्यक्रम का मुख्य चेयरपर्सन बनाया गया। मंच पर पहुंचते ही वे भावुक हो गईं और उन्होंने कहा कि जीवन में संघर्ष के बीच यह पहला अवसर है जब किसी ने उन्हें परिवार के सदस्य की तरह सम्मान और स्नेह दिया। उन्होंने पं. राजेश शर्मा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह प्रेम जीवन भर याद रहेगा।
पारंपरिक स्वागत से तीज की यादें हुईं ताजा
कार्यक्रम पूरी तरह से छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपरा से जुड़ा हुआ था। अतिथियों का स्वागत लोक संस्कृति के पारंपरिक बाजों की धुन पर किया गया। महिलाओं के लिए महावर, मेहंदी, नेल पॉलिश सहित श्रृंगार की सामग्री भी उपलब्ध कराई गई, जिससे कई मातृशक्तियां भावुक हो गईं और उन्होंने कहा कि यह माहौल उन्हें अपने मायके और तीज पर्व की याद दिला रहा है।
स्वयं व्यवस्था संभालते नजर आए आयोजक
पूरे आयोजन को पं. राजेश शर्मा ने स्वयं देखरेख में सजाया और संवारा। कार्यक्रम की गरिमा बनाए रखने के लिए वे लगातार व्यवस्था का निरीक्षण करते रहे। यहां तक कि भोजन व्यवस्था और अतिथियों के स्वागत की जिम्मेदारी भी उन्होंने स्वयं संभाली, जिसकी उपस्थित लोगों ने सराहना की।
नगर निगम की त्वरित व्यवस्था की सराहना
कार्यक्रम में आने-जाने वाले लोगों को असुविधा न हो, इसके लिए नगर निगम ने निर्माणाधीन नाली के मलबे को तत्काल हटाकर व्यवस्था बहाल की। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के अध्यक्ष निलेश लूनिया, स्वास्थ्य अधिकारी शशांक मिश्रा सहित पार्षद पिंटू यादव और कुलेश सोनी ने मौके पर पहुंचकर साफ-सफाई व अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। नगर निगम की तत्परता के लिए आयोजकों और उपस्थित लोगों ने धन्यवाद ज्ञापित किया
मातृदिवस पर आयोजित यह समारोह न केवल मातृशक्ति के सम्मान का प्रतीक बना, बल्कि समाज में नारी सम्मान और पारिवारिक मूल्यों को मजबूत करने का संदेश भी देता रहा।

Author Desk

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