मेरे तो डीएनए में ही चुनौतियों को चुनौती देना है’ : पीएम मोदी

मेरे तो डीएनए में ही चुनौतियों को चुनौती देना है’ : पीएम मोदी
मॉस्को। मॉस्को में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा ‘मैं अपने साथ हिंदुस्तान की मिट्टी की महक लेकर आया हूं। मैं अपने साथ 140 करोड़ हिंदुस्तानियों का प्यार लेकर आया हूं। ये बहुत सुखद है कि तीसरी बार सरकार में आने के बाद भारतीय समुदाय से मेरा पहला संवाद यहां मॉस्को में आपके साथ हो रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा ‘सेमीकंडक्टर, ग्रीन हाइड्रोजन और विश्वस्तरीय आधारभूत ढांचा आदि दुनिया के विकास का अध्याय लिखेगी। आज विश्व अर्थव्यवस्था में 15 प्रतिशत भारत का योगदान है और आने वाले समय में इसका विस्तार होगा। वैश्विक गरीबी से लेकर जलवायु परिवर्तन तक हर चुनौती को भारत टक्कर देगा और मेरे तो डीएनए में है चुनौती को चुनौती देना।’
पीएम मोदी ने कहा कि ‘जो सोच नेता के मन में चलती है और वही सोच जन के मन में चलती है तो अपार ऊर्जा उत्पन्न हो जाती है और मैं यही देख रहा है। वैश्विक समृद्धि को ऊर्जा देने के लिए भारत और रूस कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे हैं। यहां मौजूद आप सभी लोग भारत और रूस के संबंधों को और नई ऊंचाई दे रहे हैं। आपने अपनी मेहनत से अपनी ईमानदारी से रूस के समाज में अपना योगदान दिया है। साथियों मैं दशकों से भारत और रूस के बीच जो अनोखा रिश्ता है, उसका कायल रहा हूं। रूस शब्द सुनते ही हर भारतीय के मन में आता है, भारत के सुख-दुख का साथी। भारत का भरोसेमंद दोस्त।’
रुसी सेना में कार्यरत सभी भारतीयों को बर्खास्त करने और भारत वापसी पर सहमत हुए पुतिन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के समक्ष रूसी सेना में भारतीयों के फंसे होने का मुद्दा उठाए जाने के बाद रूस ने रूसी सेना में कार्यरत सभी भारतीयों को बर्खास्त करने का निर्णय लिया है। गौरतलब है कि कई भारतीयों को धोखा देकर रूसी सेना में भर्ती करने का खुलासा हुआ था। दर्जनों भारतीय रूसी सेना में फंसे हैं और कई भारतीय रूस-यूक्रेन युद्ध में मोर्चे पर तैनात हैं। दो दिवसीय रूस यात्रा पर मॉस्को आए प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार शाम राष्ट्रपति पुतिन के साथ निजी रात्रिभोज में यह मुद्दा उठाया। जिस पर रूसी राष्ट्रपति अपनी सेना में कार्यरत सभी भारतीयों को बर्खास्त करने और उनकी भारत वापसी में मदद करने पर सहमत हो गए।