छत्तीसगढ़राजनीति

केंद्र ने 7 लाख आवास रोके थे, भूपेश सरकार ने खुद बनाने का निर्णय लिया : धनंजय सिंह ठाकुर

रायपुर। प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने भाजपा के पत्रकार वार्ता पर पलटवार करते हुये कहा कि मोदी सरकार छत्तीसगढ़ विरोधी नीति के काट के रूप में कांग्रेस की भूपेश बघेल सरकार मुख्यमंत्री आवास योजना शुरू किया है। केन्द्र की मोदी सरकार लगातार छत्तीसगढ़ की उपेक्षा कर रही थी। राज्य के प्रतीक्षारत 7 लाख आवासों की प्रतीक्षा सूची को केन्द्र लंबे समय से रोके रखा था जिसके कारण राज्य आवासहीनों को परेशानी उठानी पड़ रही थी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री को अनेकों बार पत्र लिखकर प्रतीक्षा सूची को क्लियर करने की मांग किया लेकिन राज्य के प्रति दुर्भावना के कारण भाजपा की केन्द्र सरकार ने राज्य के आवासों को लटकाये रखा है केन्द्र के इस दुर्भावना पूर्ण रवैये से राज्य की जनता को राहत देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने राज्य अपनी आवास योजना शुरू किया है।

धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मोदी सरकार गरीबों के आवास योजना को बंद करना चाह रही है। छत्तीसगढ़ ही नहीं पूरे देश में प्रधानमंत्री आवास योजना का आबंटन केंद्र सरकार के पास फंड की कमी के चलते रद्द किया गया है। मोदी सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना बंद करने का षडयंत्र कर रही। प्रधानमंत्री के गृह राज्य गुजरात में भी प्रधानमंत्री आवास योजना में मात्र 40 प्रतिशत काम हुये है। मध्यप्रदेश 30 प्रतिशत, उत्तर प्रदेश में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है ऐसे में भाजपा नेता मोदी सरकार के नाकामी पर पर्दा डालने झूठे आरोप लगा रहे है। छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा 800 करोड़ के राज्यांश के भुगतान के बाद में राज्य का आबंटन क्यो रद्द हुआ एक भी भजपा सांसद ने केंद्र से पूछने का साहस नहीं दिखाया। छत्तीसगढ़ की भूपेश सरकार इस दिशा में सतत प्रयासरत रहती है कि प्रत्येक जन कल्याणकारी योजना का लाभ छत्तीसगढ़ की जनता को मिले, चाहे वह केंद्र की योजना हो अथवा राज्य की। प्रधानमंत्री आवास योजना में केंद्रांश और राज्यांश क्रमशः 60 प्रतिशत और 40 प्रतिशत है इसलिए इस योजना के क्रियान्वयन के लिए केंद्र सरकार हमेशा अपने अंश को देने कोताही बरतती है।

Author Desk

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