इजरायल और अमेरिका ने ईरान में तख्तापलट करने मिलकर किया बड़ा हवाई हमला
ईरान बोला शुरू तुमने किया अब संघर्ष को हम खत्म करेंगे, पश्चिम एशिया में अलर्ट

इजरायल ने तेहरान सहित अन्य शहरों में एक साथ दागे रॉकेट
तेल-अवीव। इजरायल और अमेरिका ने ईरान में तख्तापलट करने के इरादे से बड़ा हवाई हमलाकर महायुद्ध का आगाज कर दिया है। इजरायल ने एक साथ कई बैलिस्टिक मिसाइलों से ईरान पर यह हमला किया है। इजरायल ने यह हमला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को लगातार दी जा रही हमले की धमकियों के बीच किया है। ईरान में देश भर में हवाई हमलों के सायरन बज रहे हैं। इजरायली एयरफोर्स ने यह जानकारी दी है। तेहरान में कई जगहों पर तेज धमाकों की आवाज सुनाई दे रही है। अब इजरायल में भी सायरन बज रहे हैं। संवेदनशील इलाकों को खाली कराया जा रहा है। ईरान ने भी अपने हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, अयातुल्ला अली खामनेई फिलहाल ईरान में नहीं हैं और उन्हें सुरक्षित ठिकाने में भेजा गया है।
बता दें कि पहले इस्राइल के रक्षा मंत्री और फिर अलग-अलग रक्षा मामलों के सूत्रों ने इसकी पुष्टि की। सामने आया है कि हमले की शुरुआत इस्राइल की तरफ से की गई, जिसने ईरान के कई सैन्य और खुफिया एजेंसी के ठिकानों को निशाना बनाया। इसके बाद अमेरिकी वायुसेना की तरफ से भी हमले की बात सामने आई है।
यह है महायुद्ध का घटनाक्रम :
हमले की पहली जानकारी शनिवार सुबह करीब 11.30 बजे आई। इसके बाद इस्राइल के रक्षा बल के एक्स हैंडल पर सुबह करीब 11.45 पर पोस्ट किया गया, जिसमें कहा गया कि पूरे इस्राइल में साइरन्स बजाए गए हैं और लोगों के मोबाइलों पर संदेश भेजे गए हैं, जिनमें उन्हें सुरक्षित ठिकानों के करीब रहने के लिए कहा गया है। ईरान में जुमे के बाद शनिवार हफ्ते का पहला दिन है। इस दिन स्कूलों से लेकर सरकारी दफ्तर और सार्वजनिक स्थल भी खुले रहते हैं। ऐसे में आम लोगों के हमले के चपेट में आने की आशंका जताई गई है।
हमले को तेहरान और आसपास के क्षेत्र में केंद्रित रखा गया है। ईरानी अखबार शार्घ के मुताबिक, ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामनेई कि ठिकाने के पास धमाका हुआ। इसके अलावा तेहरान में स्थित राष्ट्रपति के आवास और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के दफ्तर के पास धमाके के बाद धुआं उठता देखा गया। बताया गया है कि ईरान में तेहरान के अलावा पांच और शहरों पर हमले हुए हैं। इनमें कॉम, इशफान, करमनशाह और कराज, लोरेस्तान पर हमला शामिल है। इसके अलावा ईरान के अर्धसैनिक बल- ईरान रेवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) के खुफिया निदेशालय पर भी हमला किया गया है।
इन हमलों के बाद इस्राइल ने सबसे पहले आपातकाल घोषित करते हुए अपने हवाई क्षेत्र (एयरस्पेस) को पूरी तरह बंद कर दिया। यानी इस्राइल में वाणिज्यिक उड़ानों पर पूरी तरह प्रतिबंध है। इस्राइली सैन्य बलों की तरफ से कहा गया कि उसने जनता को मोबाइलों पर संदेश भेजकर इस बात के लिए सतर्क किया है। कि इस्राइल की तरफ मिसाइल हमला हो सकता है।
पश्चिम एशिया में अलर्ट :
कतर में स्थित अमेरिकी दूतावास ने अपने सभी कर्मचारियों के लिए अलर्ट जारी किया है और उन्हें सुरक्षित ठिकाने पर जाने के लिए कहा है। दूसरी तरफ इराक ने भी हमले के मद्देनजर अपने एयरस्पेस को बंद कर दिया।
कई जगहों पर उठ रही आग की लपटें और धुआं
तेहरान में कई जगहों पर इजरायल के हमले के बाद आग की लपटें और ऊंचा काला धुआं उठते देखा जा रहा है। यह हमले तब हुए हैं, जब ईरान और अमेरिका के बीच चल रही परमाणु वार्ता में कोई प्रगति नहीं हुई है। अमेरिका चाहता है कि ईरान परमाणु हथियार हासिल न करे और वह यूरेनियम संवर्धन करना बंद कर दे। मगर ईरान शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए परमाणु संपन्न देश होना चाहता है। वह यूरेनियम संवर्धन छोडऩे के लिए तैयार नहीं है। यही कारण ईरान पर दोबारा हमले की वजह बना।
हम ईरान की नौसेना को खत्म करने जा रहे : ट्रम्प
ईरान पर हमलों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति का पहला बयान सामने आया है। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान कभी परमाणु शक्ति नहीं बन सकता है। हम ईरान की नौसेना को खत्म करने जा रहे हैं। ट्रंप कहा कि अमेरिका ने ईरान के अंदर ऑपरेशन शुरू किए हैं। उन्होंने बताया कि ईरान परमाणु हथियार बनाने की कोशिश कर रहा था। ऐसे में ईरान से अमेरिका और दूसरों को खतरा है। हम ईरान की मिसाइलों को तबाह कर देंगे। उन्होंने कहा कि या तो खामेनेई हथियार डालें या मौत का सामना करें।
अत्यंत सावधानी बरतें, सतर्क रहें : भारत ने जारी की एडवाइजरी
भारत ने इजरायल में रह रहे भारतीयों के लिए एडवाइजरी जारी की है। भारत ने इजरायल में रह रहे भारतीयों को कहा है, अत्यंत सावधानी बरतें, सतर्क रहें। भारत ने कहा, क्षेत्र में मौजूदा सुरक्षा स्थिति को देखते हुए, इजऱायल में रहने वाले सभी भारतीय नागरिकों को अत्यधिक सावधानी बरतने और हर समय सतर्क रहने की सलाह दी जाती है। भारतीय नागरिकों को इजऱाइली अधिकारियों और गृह मोर्चा कमान द्वारा जारी सुरक्षा दिशानिर्देशों और निर्देशों का सख्ती से पालन करने की सलाह दी जाती है।



