बिहार में अब सम्राट सरकार : भाजपा का 46 साल का संघर्ष, पहली बार सीएम
जेडीयू विधायक विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव बने डिप्टी सीएम
पटना। बिहार में आज पहली बार बीजेपी के मुख्यमंत्री की शपथ हुई। सुबह 11 बजे पटना के लोकभवन में सम्राट चौधरी ने बिहार के नए सीएम की शपथ ली। उनके साथ जेडीयू विधायक विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव दोनों ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली। एनडीए विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद सम्राट चौधरी ने राज्यपाल के सामने सरकार बनाने का दावा पेश किया था।
बता दें कि इससे पहले नीतीश कुमार ने अपना इस्तीफा सौंपा। महज 9 साल पहले बीजेपी में शामिल हुए सम्राट चौधरी बेहद मुखर और आक्रामक नेता माने जाने जाते हैं। 26 साल पहले विधायक चुने गए, 2024 में डिप्टी सीएम बने और 2025 में बीजेपी की प्रचंड जीत के बाद फिर डिप्टी सीएम की शपथ ली। अब उनके पास सीएम के तौर पर पूरे बिहार का शासन चलाने के साथ पार्टी और एनडीए गठबंधन को साथ रखने की भी चुनौती होगी। वहीं, बिहार की राजनीति में पहले जनसंघ और फिर बीजेपी हमेशा सक्रिय रही। बीजेपी पहले भी दो बार बड़ी पार्टी बनी लेकिन सीएम हमेशा नीतीश कुमार ही बने। ये पहला मौका है जब बीजेपी के पास सीटें भी ज्यादा हैं और सम्राट चौधरी के तौर पर उन्हें सीएम भी अपना मिला है।
विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव डिप्टी सीएम
जेडीयू के कोटो से विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली। मुख्यमंत्री कुशवाहा समाज से हैं तो वहीं डिप्टी सीएम विजय चौधरी भूमिहार समाज से और बिजेंद्र यादव ओबीसी समाज से आते हैं। नई सरकार में भी जाति गणित के समीकरण पर पूरा ध्यान दिया गया है।
समीकरणों में फिट सम्राट
सम्राट बीजेपी का चेहरा इसलिए भी बने हैं क्योंकि वो जातीय राजनीति वाले बिहार के समीकरणों में फिट बैठते हैं। सम्राट चौधरी पिछड़े वर्ग की कोयरी जाति से आते हैं। बिहार में कोयरी-कुशवाहा समाज की आबादी 4 से 5 परसेंट हैं। यादवों के बाद ओबीसी वर्ग में सबसे बड़ा आबादी सम्राट चौधरी के कोयरी समाज की है। जाहिर है जाति के इस समीकरण ने सम्राट चौधरी को सबसे योग्य उम्मीदवार बना दिया और अब आज वो सीएम पद की शपथ लेने जा रहे हैं।



