खाली तिजोरी, ठप सेवाएं -मूलभूत सुविधाएं देने में नाकाम नगर निगम -कांग्रेसी पार्षदों का प्रदर्शन

धमतरी। नगर निगम की कार्यप्रणाली और शहर में मूलभूत सुविधाओं की बदहाल स्थिति को लेकर कांग्रेसी पार्षदों ने नगर निगम कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पार्षदों ने “नगर निगम कंगाल है” लिखी तख्तियां लेकर नारेबाजी की और निगम प्रशासन पर शहर की बुनियादी सेवाएं उपलब्ध कराने में पूरी तरह विफल रहने का आरोप लगाया।
कांग्रेसी पार्षदों ने कहा कि नगर निगम की स्थिति इतनी खराब हो गई है कि शहरवासियों को पानी, बिजली, सफाई और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं भी ठीक से नहीं मिल पा रही हैं। उनका आरोप है कि निगम में भाजपा की सत्ता को डेढ़ वर्ष होने को है, लेकिन शहर के विकास के लिए कोई ठोस फंड उपलब्ध नहीं हो पाया है।
पार्षदों ने बताया कि शहर के कई वार्डों में महीनों से स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं और खराब लाइटों की मरम्मत के लिए आवश्यक सामान तक उपलब्ध नहीं है। पेयजल आपूर्ति भी लगातार बाधित हो रही है। मोटर पंप चलाने के लिए केबल तक उपलब्ध नहीं है, जिसके कारण कई स्थानों पर पार्षदों को अपने निजी खर्च से केबल वायर खरीदकर व्यवस्था करनी पड़ रही है।
सफाई व्यवस्था को लेकर भी निगम प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए गए। पार्षदों ने कहा कि शहर में सफाई व्यवस्था भगवान भरोसे चल रही है। झाड़ू तक खरीदने की स्थिति निगम की नहीं है और कई कचरा रिक्शा खराब होकर पड़े हुए हैं। जब जिम्मेदार अधिकारियों से पूछा जाता है तो जवाब मिलता है कि निगम के पास फंड ही नहीं है।
कांग्रेसी पार्षदों का यह भी आरोप है कि डेढ़ साल बीत जाने के बाद भी पार्षद निधि से होने वाले विकास कार्यों के टेंडर तक नहीं हो पाए हैं। वार्डों में विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़े हैं। करोड़ों रुपये की घोषणाएं केवल समाचारों तक सीमित हैं, लेकिन जमीन पर कोई ठोस काम नजर नहीं आ रहा है।
उन्होंने निगम प्रशासन पर तानाशाही, कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कहा कि शहर की जनता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है। पार्षदों ने निगम आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर शहर में मूलभूत सुविधाएं बढ़ाने, भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी पर रोक लगाने तथा लंबित विकास कार्यों को जल्द शुरू कराने की मांग की।
प्रदर्शन में नेता प्रतिपक्ष दीपक सोनकर, उप नेता विशु देवांगन, पार्षद योगेश लाल, सुमन मेश्राम और राजेश पांडे सहित अन्य कांग्रेसी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।



