लोकेश कावड़िया की उपस्थिति में सार्थक स्कूल का परीक्षा परिणाम एवं सम्मान समारोह सम्पन्न

धमतरी। मानसिक दिव्यांग प्रशिक्षण एवं सेवा केंद्र सार्थक स्कूल, धमतरी में शैक्षणिक सत्र 2025–26 का परीक्षा परिणाम एवं सम्मान समारोह हर्षोल्लास के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लोकेश कावड़िया (अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम, राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त) रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता समाजसेवी निर्मल बरडिया ने की, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में जानकी गुप्ता (सदस्य, संचालक मंडल, दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम) उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम की शुरुआत बच्चों द्वारा बनाई गई रंगोली, ड्राइंग, पेंटिंग, सुलेख, लिफाफा एवं तिरंगा बैज की रचनात्मक प्रदर्शनी के अवलोकन से हुई। इसके बाद बच्चों ने आकर्षक स्वागत नृत्य प्रस्तुत कर अतिथियों और अभिभावकों का मन मोह लिया।
सार्थक संस्था की अध्यक्ष डॉ. सरिता दोशी ने संस्था के 22 वर्षों के सफल संचालन और बच्चों की प्रगति की जानकारी देते हुए वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। इस दौरान संरक्षक मदनमोहन खंडेलवाल, संस्थापक अध्यक्ष प्रभा रावत, उपाध्यक्ष अनु नंदा, सचिव स्नेहा राठौड़ तथा कार्यकारिणी सदस्य प्रीतपाल छाबड़ा और नीरज नाहर ने स्कूल की आवश्यकता के अनुरूप अतिरिक्त कक्ष निर्माण के लिए मुख्य अतिथि को ज्ञापन सौंपा।
कार्यक्रम में सार्थक के तीन विद्यार्थियों—सत्यांशु दीप, ईशु बनपेला और प्रतीक शांडिल्य—को राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। सत्यांशु दीप और ईशु बनपेला ने ग्वालियर में आयोजित नेशनल फुटबॉल प्रतियोगिता में रजत पदक हासिल किया, जबकि प्रतीक शांडिल्य ने दिल्ली में आयोजित नेशनल वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। तीनों विद्यार्थियों को पुष्पमाला और उपहार देकर सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि लोकेश कावड़िया ने अपने संबोधन में मानसिक दिव्यांग बच्चों के लिए वोकेशनल ट्रेनिंग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इससे बच्चे आत्मनिर्भर बनकर सम्मानजनक जीवन जी सकते हैं। उन्होंने बताया कि मानसिक दिव्यांग बच्चों के अभिभावकों को कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे वे अपने बच्चों के साथ स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने सार्थक संस्था द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की।
विशिष्ट अतिथि जानकी गुप्ता ने संस्था से अपने जुड़ाव का उल्लेख करते हुए बच्चों के हित में निरंतर सहयोग का आश्वासन दिया। कार्यक्रम अध्यक्ष निर्मल बरडिया ने बच्चों की लगन, मेहनत और आत्मविश्वास को प्रेरणादायक बताते हुए संस्था के कार्यों की प्रशंसा की।
इसके पश्चात अभिभावकों की उपस्थिति में परीक्षा परिणाम घोषित किए गए।
प्री-प्राइमरी ग्रुप में भूपेंद्र साहू प्रथम, बेबी ध्रुव द्वितीय और ओम बाबर तृतीय रहे।
प्राइमरी ग्रुप में एकलव्य मनीष प्रथम, प्राची सोनी द्वितीय और भारती पटेल तृतीय रहीं।
वोकेशनल-1 ग्रुप में नेमेश सिन्हा प्रथम, यज्ञदत्त साहू द्वितीय और श्वेता मसीह तृतीय रहीं।
वोकेशनल-2 ग्रुप में अर्जुन चक्रधारी प्रथम, निखिल जैन द्वितीय और करणवीर खालसा तृतीय रहे।
सभी बच्चों को मार्कशीट और उपहार प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। समारोह के दौरान बच्चों के चेहरों पर खुशी और उत्साह साफ झलक रहा था।
इस अवसर पर सत्यांशु दीप की माता रंभा दीप ने संस्था और प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन की सराहना करते हुए अभिभावकों से बच्चों की प्रतिभा को पहचानकर उन्हें आगे बढ़ाने का आग्रह किया।
कार्यक्रम का संचालन सचिव स्नेहा राठौड़ ने किया तथा आभार प्रदर्शन सहसचिव वंदना मिराणी ने किया। सिंगापुर में निवासरत मूलतः भिलाई के सुधीर और सरिता जैन ने बच्चों के लिए आकर्षक और उच्च गुणवत्ता वाली वॉटर बॉटल्स उपहार स्वरूप भिजवाईं, जिसके लिए बच्चों ने वीडियो संदेश के माध्यम से आभार व्यक्त किया।
अंत में अतिथियों को पौधा और बच्चों द्वारा निर्मित ग्रीटिंग कार्ड भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में संस्था की कोषाध्यक्ष वर्षा खंडेलवाल, कार्यकारिणी सदस्य प्रतिभा अग्रवाल, नीरज नाहर, प्रीतपाल छाबड़ा, पायल खंडेलवाल, मोती लुनिया, प्रशिक्षक मैथिली गोड़े, देविका दीवान, कौशल्या यादव, काजल रजक, सुनैना गोड़े सहित बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे।



