बोराई पहुंचे नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत, मनोज साक्षी ने वनांचल की समस्याओं से कराया अवगत

बोराई पहुंचे नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत, मनोज साक्षी ने वनांचल की समस्याओं से कराया अवगत
धमतरी/नगरी। छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. चरण दास महंत शनिवार को नगरी विधानसभा क्षेत्र के दौरे पर पहुंचे। बोराई प्रवेश द्वार पर जल-जंगल-जमीन संघर्ष समिति के प्रमुख मनोज साक्षी ने अपने साथियों के साथ उनका आत्मीय स्वागत किया। कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं से स्वागत कर वनांचल क्षेत्र के विकास और जनसमस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा।
मनोज साक्षी ने नेता प्रतिपक्ष को बताया कि वनांचल नगरी-सिहावा क्षेत्र आज भी स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं की गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है। उन्होंने कहा कि बोराई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र केवल रेफर सेंटर बनकर रह गया है। विशेषज्ञ चिकित्सकों, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड तथा आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं के अभाव में मरीजों को धमतरी और रायपुर रेफर करना पड़ता है। उन्होंने अस्पताल को 100 बिस्तरीय पूर्ण अस्पताल के रूप में विकसित कर विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति की मांग की।
इस दौरान सीतानदी-उदंती टाइगर रिजर्व से प्रभावित 60 गांवों की समस्याएं भी प्रमुखता से उठाई गईं। मनोज साक्षी ने बताया कि टाइगर रिजर्व के कारण कई गांव आज भी सड़क, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। उन्होंने इन गांवों को राजस्व ग्राम घोषित कर विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की मांग रखी।
शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि नगरी ब्लॉक के 76 स्कूल एकल शिक्षकों के भरोसे संचालित हो रहे हैं। वहीं दूरस्थ क्षेत्रों में चिकित्सकों की भारी कमी है। डॉक्टरों और शिक्षकों की स्थायी पदस्थापना तथा दूरस्थ क्षेत्रों में सेवाएं देने वाले कर्मचारियों के लिए विशेष प्रोत्साहन भत्ता देने की मांग भी रखी गई।
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने सभी मांगों को गंभीरता से सुना और भरोसा दिलाया कि इन जनहित के मुद्दों को विधानसभा में प्रमुखता से उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि वनांचल क्षेत्र के लोगों को उनके अधिकार और बुनियादी सुविधाएं मिलनी चाहिए तथा कांग्रेस पार्टी इस संघर्ष में उनके साथ खड़ी है।
इस अवसर पर बीरेन्द्र यादव, कैलाश जैन, विष्णु टंडन, बीजू मरकाम, योगेश मरकाम, जुगल मरकाम, प्रशांत ठाकुर, जगन झांकर, राजू मरकाम, धनेद्र नेताम, देवेंद्र नेताम, हर्ष नेताम, राजेश सामरथ सहित जल-जंगल-जमीन संघर्ष समिति के सदस्य, स्थानीय जनप्रतिनिधि, पंचगण एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।



