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संसद में संविधान संशोधन पर चर्चा : सरकार ने लोकसभा में तीन अहम बिल पेश किए, कल 4 बजे होगा फैसला

संसद में संविधान संशोधन पर चर्चा : सरकार ने लोकसभा में तीन अहम बिल पेश किए, कल 4 बजे होगा फैसला

नई दिल्ली। मोदी सरकार देश की आधी आबादी को सबसे बड़ा तोहफा देने जा रही है। सरकार ने आज लोकसभा में तीन अहम बिल पेश किए इनमें महिला आरक्षण से जुड़ा संशोधन विधेयक 2026, दूसरा परिसीमन विधेयक 2026 और तीसरा केंद्र शासित प्रदेश संशोधन विधेयक, 2026 शामिल है। इन बिल का मकसद 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून को पूरी तरह ऑपरेशनलाइज करना है। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने इन तीनों बिलों को आज लोकसभा में पेश किया। वहीँ संविधान संशोधन बिल पर वोटिंग के बाद अमित शाह ने कहा, ये दो कानून जरूरी थे, इसलिए साथ में लाए गए। संविधान संशोधन के बाद जो जरूरत उत्पन्न होती है, इसलिए इन्हें लाया गया। अभी हम चर्चा करेंगे। विपक्ष ने बस कल मीटिंग में तय किया कि वे विरोध करेंगे इसीलिए हंगामा कर रहे हैं। विपक्ष विरोध की मंशा से ही आया है।

इसके साथ ही दूसरी ओर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक 2026 को पेश करने का प्रस्ताव दिया। प्रस्ताव रखने के साथ ही संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं। विपक्ष ने इन प्रस्तावों पर आपत्ति जताई, जबकि सरकार का कहना है कि ये बदलाव देश की चुनावी व्यवस्था और प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने के लिए जरूरी हैं।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में साफ कहा कि दोनों विधेयकों को साथ लाने का उद्देश्य महिला आरक्षण को उसके तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाना है। यह बयान उन्होंने कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल की आपत्ति के जवाब में दिया, जिसमें उन्होंने कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल द्वारा पेश किए गए प्रस्ताव का विरोध किया था। सरकार का कहना है कि महिला आरक्षण को लागू करने के लिए परिसीमन जरूरी प्रक्रिया है। इसी वजह से दोनों विधेयकों को एक साथ पेश किया गया है, ताकि 33 प्रतिशत महिला आरक्षण को सही तरीके से लागू किया जा सके और लोकसभा व विधानसभा में सीटों का पुनर्गठन किया जा सके।

लोकसभा में तीनों बिलों पर कल शाम 4 बजे फाइनल वोटिंग
प्रस्ताव स्वीकार होने के बाद लोकसभा में चर्चा जारी है। स्पीकर ओम बिरला ने कहा, गृह मंत्री ने इस बिल को पारित करने का प्रस्ताव रखा है। इसलिए दोनों बिल पर चर्चा हो सकती है। उन्होंने बताया कि महिला आरक्षण बिल से जुड़े तीनों बिलों पर कल शाम 4 बजे फाइनल वोटिंग होगी। आज और कल इस पर चर्चा होगी। सदन में चर्चा के लिए घंटों को निर्धारित करने पर बात हो रही है। सरकार ने 12 घंटे चर्चा का समय तय किया है।

कानून मंत्री बोले- देश के सामने ऐतिहासिक अवसर
लोकसभा में तीन विधेयकों पर चर्चा के दौरान कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने महिला आरक्षण को लेकर सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि महिला आरक्षण विधेयक 2023 में पास हो चुका है और इसे 2026 के बाद होने वाली जनगणना और परिसीमन के आधार पर लागू किया जाएगा। मेघवाल ने कहा कि लोकसभा सीटों की संख्या में लगभग 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी, जिससे कुल सीटें करीब 815 तक पहुंच सकती हैं। इनमें से 272 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी, जो कुल सीटों का एक-तिहाई हिस्सा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस बदलाव से किसी भी राज्य को नुकसान नहीं होगा और सभी राज्यों की वर्तमान ताकत (सीटों की संख्या) बरकरार रहेगी।

गौरव गोगोई ने सरकार पर साधा निशाना
लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार बार-बार महिला आरक्षण के रास्ते में रुकावटें पैदा कर रही है। अगर 2023 में विपक्ष की बात मानी जाती, तो 2024 में ही महिला आरक्षण लागू हो सकता था। गौरव गोगोई ने कहा कि महिला आरक्षण को परिसीमन से जोडऩा सही नहीं है। उन्होंने मांग की कि इसे अलग रखा जाए, तभी उनकी पार्टी इसका समर्थन करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि यह विधेयक वास्तव में महिला आरक्षण के लिए नहीं, बल्कि “पीछे के रास्ते से परिसीमन लागू करने का तरीका है। संसद में इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस जारी है।

Author Desk

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